Vishwakarma Puja 2020: जानिए विश्वकर्मा पूजा का महत्व

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लगभग हर ग्रंथ में भगवान Vishwakarma Puja 2020 का उल्लेख कर पाया गया है। 16 सितंबर 2020 को विश्वकर्मा जयंती है। इस दिन सभी लोग अपने घर में विश्वकर्मा की पूजा करते हैं। तो आज इस आर्टिकल में हम आपको भगवान Vishwakarma कौन थे? भगवान Vishwakarma Puja क्यों करते हैं? और इसका महत्व क्या है? इनसे जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारी हम आपको देने वाले हैं।

इतिहासकारों का मानना है कि विश्वकर्मा ने भगवान के भवनों का निर्माण किया था। वह अद्भुत शिल्पकारी और वास्तुकार थे। और ऐसा कहा जाता है की विश्वकर्मा दुनिया के पहले इंजीनियर थे। उन्होंने सोने की लंका से लेकर हस्तिनापुर, स्वर्ग लोग, द्वारका शहर का निर्माण किया था। ऐसा कहा जाता है कि प्राचीन काल की सभी राजधानियों को इन्होंने ही बनाया था। 

Vishwakarma Puja 2020: भगवान विश्वकर्मा से जुड़ी हर महत्वपूर्ण जानकारी

Vishwakarma Puja 2020

विश्वकर्मा पूजा के दिन उद्योगों फैक्ट्रियों और मशीनों की पूजा की जाती है। लोगों का यह विश्वास है कि इस दिन भगवान Vishwakarma Puja 2020 करने से कारोबार में बहुत तरक्की होती है। खास करके कलाकारों, भूलकर, शिल्पकार और औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़े लोग इस भगवान की पूजा करते हैं। जिससे उनके कारोबार में बहुत मुनाफा हो सके। 

भगवान Vishwakarma की प्रतिमा को पूजा करने के लिए मंदिर में विराजित किया जाता है। वैसे तो जो लोग शादीशुदा है वह अपने पति के साथ भगवान Vishwakarma की पूजा और अर्चना करते हैं। ऐसा कहा जाता है कि पूजा करते वक्त हाथ में फूल और चावल लेकर ध्यान करने से तरक्की होती है। 

पूजा के दौरान हमें धूप पुष्प गंध दीप सुपारी का प्रयोग करना चाहिए। इसके बाद अगले दिन हमें तुरंत विश्वकर्मा की प्रतिमा को विसर्जित करना होता है। इससे आप अंदाजा लगा सकते हैं कि यह लगभग गणेश चतुर्थी से मिलता-जुलता प्रक्रिया है।

देवताओं के लिए बनाए अस्त्र-शस्त्र

अब हम आपको एक बहुत बड़ी जानकारी देने वाले हैं और यह जानकारी यह है कि भगवान Vishwakarma ने देवताओं के लिए भी अस्त्र शस्त्र बनाए हैं। आपको बता दें कि इन्होंने भगवान शिव जी के लिए त्रिपुरासुर युद्ध के दौरान त्रिशूल और रथ बनाए थे। 

इसके अलावा भगवान विष्णु के लिए इन्होंने सुदर्शन चक्र भी बनवाया है। और महर्षि दधीचि की अस्थियों से वाक्य बनाकर उन्होंने इंद्र को सौंपा था। औरत और इन्होंने यमराज के लिए काल दंड कुबेर के लिए पुष्पक विमान और दानवीर कर्ण के लिए कुंडल भी बनवाया था।

भगवान Vishwakarma के सबसे बड़े निर्माण

देवी देवताओं के लिए शस्त्र और अस्त्र के अलावा भगवान Vishwakarma ने प्राचीन काल में राजधानियों का निर्माण किया था। जैसे कि श्रीलंका में विश्वकर्मा ने सोने की लंका, स्वर्ग लोक, पाताल लोक, हस्तिनापुर, पांडवों के लिए इंद्रप्रस्थ नगरी। इसके अलावा सबसे बड़ी निर्माण तो यह है कि श्री कृष्ण के लिए इन्होंने द्वारिका नगरी भी बनवाया था। और तो और विश्वकर्मा ने वृंदावन, सुदामपुरी, गरुड़ का भवन, यमपुरी और कुबेर पूरी जैसे बड़े निर्माण किए हैं।

विश्वकर्मा की पत्नी का नाम है आकृति

कथा में यह कहा गया है कि विश्वकर्मा की चार पत्नियां थी। लेकिन ज्यादा अहमियत भगवान Vishwakarma की पत्नी आकृति को दिया गया है। और अन्य तीन पत्नी का नाम रति, प्राप्ति और नंदी है। भगवान Vishwakarma को दो बेटी और छे बेटे थे। उनके पुत्रों के नाम बहिर्श्‍मती और संज्ञा था। 

और इनके छह बेटों के नाम मनु चाक्षुष, शम, काम, हर्ष, विश्वरूप और वृत्रासुर। लेकिन सबसे हैरान करने वाली बात आपको पता है, सूर्यदेव रिश्ते में भगवान Vishwakarma के दामाद है। क्योंकि सूर्य देव ने विश्वकर्मा की बेटी संज्ञा से विवाह किया था।

बृहस्पति की बहन भुवना के पुत्र है विश्वकर्मा

आपको बता दें कि भुवाना बृहस्पति की बहन थी। और अष्टम वसु महर्षि प्रभास की पत्नी ऐसा कहा जाता है कि भुवना सभी ब्रह्मा विद्याओं को जानती थी। और सबसे बड़ी बात यह है कि भगवान Vishwakarma भुवाना के बेटे थे।

तो दोस्तों या था भगवान Vishwakarma Puja 2020 के बारे में मेरा छोटा सा लेख। अगर आपको यह लेख पसंद आया है तो कृपया इस लिए को अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें।

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