5 अगस्त 2019 को भारत सरकार ने गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ऐतिहासिक फैसला लेते हुए जम्मू कश्मीर के धारा 370 और धारा 35a को हटा दिया है। इस फैसले के बाद भारत में अब एक बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। तो इस वजह से आज हम इस लेख में आपको जम्मू कश्मीर के धारा 370 क्या है और धारा 370 की सभी जानकारी देने वाले हैं।

कुछ लोग जम्मू कश्मीर से इस धारा 370 को हटाने की मांग कर रहे थे। वहीं कुछ लोग इस अनुच्छेद 370 को जम्मू कश्मीर न हटाने की मांग कर रहे थे। उन लोगों का कहना था कि इससे देश का संविधान खतरे में आ सकता है। लेकिन इसके बाद ऐसा कुछ नहीं हुआ है। आपको बता दें कि जब 14 फरवरी 2019 को पाकिस्तान ने भारत में पुलवामा में आतंकी हमला करवाया था। उसके बाद 17 फरवरी 2019 को अखिल भारतीय हिंदू महासभा ने एक विरोध मोर्चा रखा था।

और उस मोर्चे में उन्होंने जम्मू-कश्मीर से तुरंत धारा 370 को हटाने की मांग की थी और इसके लिए उन्होंने सरकार से मांग भी की थी। तो धारा 370 क्या है, जम्मू और कश्मीर में धारा 370 होने से क्या होता था और इससे भारत को क्या नुकसान हुआ और जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटने के बाद क्या हुआ हैज़ इसकी सारी जानकारी अब हम नीचे आपको देने वाले हैं।

धारा 370 क्या है?

जम्मू कश्मीर में धारा 370 लगने के बाद भारत के राष्ट्रपति कभी भी जम्मू-कश्मीर के संविधान को बर्दाश्त नहीं कर सकते थे। भारत की संसद जम्मू कश्मीर में विदेश, रक्षा और संचार के अलावा अन्य कानून को नहीं बना सकती थी। 

धारा 370 क्या है

सबसे बड़ी बात यह है कि धारा 370 की वजह से जम्मू कश्मीर के लोगों को दो नागरिकता मिलती थी और चौंकाने वाली बात यह थी कि अनुच्छेद 370 की वजह से अगर कोई कश्मीरी लड़की भारत के अन्य राज्य के युवक से शादी करती है, तो उस कश्मीरी लड़की की नागरिकता हमेशा के लिए खत्म हो जाती है।

लेकिन अगर कश्मीर की लड़की पाकिस्तान की ओर से शादी करती हैं तो उस युवक को कश्मीर की नागरिकता मिलती है। इससे आप अंदाजा लगा सकते हैं कि यह धारा क्यों कश्मीर के लिए बनाई गई थी।

इसके अलावा Article 370 की वजह से जम्मू कश्मीर को अपना अलग संविधान और अलग झंडा बनाने की ताकत मिलती है, जिस वजह से भारत में बहुत सारे लोगों को एक देश में दो संविधान और दो झंडे का यह फैसला सही नहीं लगा।

और जम्मू कश्मीर में लोकप्रिय विषय यह है कि धारा 370 की वजह से भारत के अन्य राज्य का कोई व्यक्ति जम्मू कश्मीर में जमीन या प्रॉपर्टी नहीं खरीद सकता था। जम्मू कश्मीर में धारा 370 की वजह से आरटीआई और सीएजी जैसी कानून वहां पर लागू नहीं होती है।

जम्मू कश्मीर के महिलाओं पर शरियत कानून लागु था। इसके अलावा और एक चौंकाने वाला विषय यह है कि धारा 370 की वजह से जम्मू कश्मीर में रहने वाले पाकिस्तानियों को भी भारतीय नागरिकता मिल जाती थी।

जम्मू और कश्मीर का इतिहास

तो अब हम आपको कुछ ही महीने पहले बने भारत के दो नए खंड जिसका मतलब केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर और लद्दाख के इतिहास के बारे में बताते हैं। भारत सरकार को क्यों धारा 370 बनाना पड़ा और इससे क्यों हटाना पड़ा इसके बारे में पूरी जानकारी हम आपको देंगे।

  • 15 अगस्त 1947 को जब भारत को अंग्रेजों से आजादी मिली तब भारत देश कई सारी छोटे-छोटे रियासतों से बटा हुआ था।
  • इसके बाद लोह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल ने अपने प्रयासों से इन सभी रियासतों को मिलाकर भारत संघ बनाया।
  • लेकिन क्या आपको पता है, जम्मू कश्मीर रियासत में तब राजा हरि सिंह का शासन था और राजा हरि सिंह को जम्मू कश्मीर को भारत में विलय कराने का यह प्रस्ताव पसंद नहीं आया। उन्होंने तब सरदार वल्लभ भाई पटेल को मना कर दिया था।
  • लेकिन कुछ ही समय बाद राजा हरि सिंह को इसका अंजाम भुगतना पड़ा। क्योंकि पाकिस्तान ने अपने सेना के साथ जम्मू कश्मीर के ऊपर हमला कर दिया।
  • इसके बाद राजा हरि सिंह को पता चल गया कि अगर वह जम्मू कश्मीर को भारत के साथ विलय नहीं कराते हैं, तो पाकिस्तान जम्मू कश्मीर पर कब्जा कर लेगा और उनका जीना मुश्किल हो जाएगा।
  • इसी वजह से जम्मू कश्मीर को पाकिस्तान से बचाने के लिए राजा हरि सिंह ने भारतीय संघ से सुरक्षा की मांग की, जिसके बाद कुछ अहम शर्तों के साथ जम्मू कश्मीर रियासत को भारतीय संघ में विलय करा दिया गया।
  • इसके बाद विलय की शर्तों की वजह से जम्मू कश्मीर को भारत देश के अन्य राज्यों से अलग अधिकार और दर्जा दिया गया, जिसे आज हम धारा 370 के नाम से जानते हैं।

जम्मू और कश्मीर से धारा 370 हटाने के बाद

5 अगस्त 2019 को जब भारत सरकार ने जम्मू और कश्मीर से धारा 370 को हटाने का फैसला लिया। उसके बाद अब बहुत सारी चीजें भारत में बदल गई है और इसके जानकारी हम नीचे आपको देने वाले हैं।

  • अब जम्मू और कश्मीर का विशेषाधिकार खत्म हो गया है। इसके अलावा अब जम्मू और कश्मीर भारत का राज्य नहीं बल्कि केंद्र शासित प्रदेश बन चुका है और लद्दाख जो कि पहले जम्मू कश्मीर का अहम हिस्सा था, अब वह भी अलग केंद्र शासित प्रदेश बन चुका है।
  • इसके अलावा अब जम्मू कश्मीर के लोगों को सिर्फ एक नागरिकता मिलेगी, एक तिरंगा रहेगा और आर्टिकल 356 लागू होगा और सबसे बड़ी बात यह है कि अब दूसरे राज्य के लोग भी जम्मू-कश्मीर में जमीन और प्रॉपर्टी खरीद सकते हैं।
  • इसके अलावा अब जम्मू कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद विधानसभा का कार्यकाल 5 साल होगा।

आपके हिसाब से क्या भारत सरकार द्वारा लिया गया धारा 370 कश्मीर से हटाने का फैसला सही था या नहीं इसके बारे में हमें जरूर बताइए। आपको हमारे यह रिसर्च की हुई, धारा 370 क्या है, इसकी जानकारी कैसी लगी, इसके बारे में हमें नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर बताइए।

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