कलेक्टर कैसे बने: Step-by-Step Guide

भारत में बहुत सारे युवाओं का सपना होता है कि वह बड़े होकर बहुत सारी पढ़ाई कर चेक कलेक्टर की पोस्ट हासिल करें। अगर आपका सपना भी कलेक्टर बनना है तो आज के इस लेख के जरिए हम आपको कलेक्टर बनने के क्या-क्या जरूरी काम करने पड़ते हैं इसके बारे में सभी महत्वपूर्ण जानकारी देने वाले हैं।

कलेक्टर कैसे बने?

कलेक्टर कैसे बने

भारत में किसी भी जगह पर कलेक्टर बनने के लिए सबसे पहले आपको ग्रेजुएशन पूरा करना होगा और उसके बाद कलेक्टर बनने से पहले आपको कई सारे परीक्षा में बैठकर उत्तीर्ण होना होगा। इसके अलावा और भी कुछ नियम है, जिसे आपको पालन करना होगा।

कलेक्टर बनने के लिए क्या करें?

जैसा कि हमने आपको बताया कलेक्टर बनने के लिए आपको सबसे पहले अपना ग्रेजुएशन कंप्लीट करना होगा। एक बार जब आपका ग्रेजुएशन कंप्लीट हो जाता है उसके बाद आपको ऑल इंडिया सर्विस (CSE) की परीक्षा देनी होगी यह परीक्षा साल में एक बार होती है यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (UPSC) द्वारा ली जाती है।

यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (UPSC) द्वारा होने वाली ऑल इंडिया सर्विस (CSE) परीक्षा के तीन स्टेज होते हैं जो इस प्रकार है।

  1. प्रिलिमनरी एक्जाम: आमतौर पर भारत में यह परीक्षा मई से लेकर जून तक करवाई जाती है।
  2. मेन एग्जाम: इसी तरह मेन एग्जाम सितंबर से अक्टूबर में होती है।
  3. इंटरव्यू: परीक्षा में टॉप करने के बाद आपका इंटरव्यू लिया जाता है।

Important: Exam Notification

कलेक्टर बनने के लिए उम्र कितनी होनी चाहिए?

भारत में विभिन्न वर्गों के प्रकार अलग-अलग उम्र की सीमाएं रखी गई है। नीचे दिए गए जानकारी से आपको पता चल जाएगा कि आप की उम्र कितनी होनी चाहिए।

  • अगर आप General केटेगरी से है, तो आपकी उम्र 21 से 32 के भीतर होनी चाहिए।
  • OBC कैटेगरी वालों के लिए उम्र 21 से 35 के भीतर होनी चाहिए।
  • SC/ST कैटेगरी वालों के लिए उम्र की सीमाएं 21 से लेकर 37 के भीतर होनी चाहिए।
  • शारीरिक रूप से अक्षम वालों के लिए उम्र 21 से लेकर 42 के बीच होनी चाहिए।
  • इसी तरह SC/ST के शारीरिक रूप से अक्षम वालों के लिए उम्र की कोई सीमा नहीं है।

कलेक्टर बनने के लिए तैयारी कैसे करें?

कलेक्टर बनना इतना आसान नहीं है लेकिन मेहनत करके आप आसानी से कलेक्टर बन सकते हैं इसके लिए आपको ढेर सारी पढ़ाई करनी होगी।

  • अपने जनरल नॉलेज को मजबूत बनाएं।
  • करंट अफेयर्स पर ज्यादा ध्यान दें।
  • हर दिन न्यूज़पेपर पड़े।
  • सेल्फ स्टडी पर ज्यादा ध्यान दें।
  • अभी तक की सभी प्रश्नपत्रिका को जमा करें और उनका उत्तर निकालें।

कलेक्टर का काम क्या होता है?

जब एक बार आप कलेक्टर बन जाते हैं, तो आपके सर पर बहुत सारी जिम्मेदारियां आ जाती है।

  • जिले के हर छोटे बड़े निर्णय कलेक्टर को देना पड़ता है।
  • सरकारी योजनाओं को लागू करना।
  • आपदा प्रबंध
  • ऋण वितरण
  • कर्ज वसूली
  • कर वसूली
  • भूमि अधिग्रहण
  • भूमि मूल्यांकन
  • जनता की समस्या का निवारण करना।

दोस्त, कलेक्टर बनने का सपना देखना बहुत बड़ी बात होती है। और अगर आपने यह सपना देख लिया है तो आपको जरूर इसे पूरा करना होगा। कलेक्टर बनने के बाद आपको अपने जिले के लोगों का सेवा करने का मौका मिलता है और यह पुण्य की बात होती है। अगर आप जरूरी मेहनत करते हैं, तो आप 100% कलेक्टर बन जाएंगे।

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FAQs:

जिला कलेक्टर बनने के लिए क्या योग्यता होनी चाहिए?
उम्मीदवार के पास ग्रेजुएशन डिग्री होनी चाहिए और उसकी निम्नतम आयु 21 से अधिक होना आवश्यक है।
कलेक्टर की नौकरी कैसे लगती है?
ग्रेजुएशन में उत्तीर्ण होने के बाद, UPSC द्वारा कराई गई CSE एग्जाम में उत्तीर्ण होना होगा और सफल इंटरव्यू के बाद आपका चयन हो सकता है।
कलेक्टर की पढ़ाई कितने साल की होती है?
3 साल ग्रेजुएशन में उत्तीर्ण होना होगा, नहीं तो नेशनल इंस्टीट्यूट आफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में तीन साल का कोर्स करना होगा।
जिला कलेक्टर का पद कब बना?
भारत की आजादी से पहले 1772 को वारेन होस्टिंग द्वारा पहली बार कलेक्टर पद की घोषणा की गई थी।
जिला अधिकारी कैसे बने?
UPSC द्वारा किए गए CSE परीक्षा में उत्तीर्ण होना होगा इसके बाद आपको IAS का पद मिल जाएगा। और एक या दो प्रमोशन के बाद जिला अधिकारी बनाया जा सकता है।

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