अयोध्या में राम मंदिर कब बनेगा – पूरी जानकारी

दोस्तों आज मैं आपको अयोध्या में राम मंदिर कब बनेगा इसकी पूरी जानकारी इस लेख के जरिए देने वाला हूं। आज मतलब 9 नवंबर 2019 को भारत के उच्चतम न्यायालय ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। जैसा कि आप सभी लोगों को पता होगा कि सुप्रीम कोर्ट की तरफ से अयोध्या मामले में आखिरी सुनवाई हो चुकी है। जिसमें उन्होंने कहा है कि विवादित जमीन रामलला को सौंपी जाएगी। मतलब विवादित जमीन पर अब राम मंदिर बनेगा।

वहीं सुप्रीम कोर्ट का आज का फैसला बड़ा दिलचस्प है। जिसमें कहा गया है कि अयोध्या में ही 5 एकड़ की जमीन सुन्नी वक्फ बोर्ड को दी जाएगी। इससे पहले भारत सरकार ने इस राम मंदिर विवाद (राम जन्मभूमि विवाद or बाबरी मस्जिद विवाद) के लिए पांच जजों की स्पेशल बेंच बनाई थी। और पिछले 2 महीने से भारत में इस केस के लिए लंबी कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट में चल रही थी।

 लेकिन अब भारत वासियों के लिए 2 सवालों के जवाब मिल गया है। और वह 2 सवाल यह है कि अयोध्या में बाबरी मस्जिद बनेगा या फिर राम मंदिर बनेगा। इसके अलावा इसका भी जवाब मिल गया है कि राम मंदिर कब बनेगा।

राम मंदिर विवाद क्या है?

राम मंदिर vs बाबरी मस्जिद

हिंदुओं के मान्यताओं के अनुसार उत्तर प्रदेश के अयोध्या में श्री मर्यादा पुरुषोत्तम राम का जन्म हुआ था। और वहां पर भव्य राम मंदिर भी था। लेकिन मुगल आक्रमणकारियों ने उस मंदिर को तोड़कर उसके ऊपर मस्जिद बनाया और उस मस्जिद का नाम बाबरी मस्जिद रखा गया। 

भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अगुवाई में अयोध्या में नया राम मंदिर बनाने के लिए लंबा आंदोलन चला और 6 दिसंबर 1992 को विवादित ढांचा गिराया गया। और वहां पर भगवान श्री राम का अस्थाई मंदिर निर्मित कर दिया गया था। और तब से लेकर अब तक यह मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा था लेकिन आज इस का आखिरी फैसला आ चुका है।

अयोध्या में राम मंदिर कब बनेगा?

राम मंदिर कब बनेगा

अगर आप भी राम मंदिर बनने का इंतजार कर रहे हैं तो मैं आपको एक बहुत बड़ी खुशखबरी देने वाला हूं। और वह यह है कि सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अब 3 महीने के अंदर केंद्र सरकार को एक ट्रस्ट बनाना होगा। उस ट्रस्ट के जरिए केंद्र सरकार वहां पर विशाल राम मंदिर बनाएगा और इससे हम अंदाजा लगा सकते हैं कि अगले 3 महीने के बाद राम मंदिर के निर्माण का कार्य शुरू हो जाएगा। 

मतलब फरवरी 2019 से इसका काम शुरू होने वाला है। इसका मतलब यह है कि बहुत जल्द हमें राम मंदिर अयोध्या में देखने को मिलेगा। उत्तर प्रदेश के चीफ मिनिस्टर योगी आदित्यनाथ और केंद्र सरकार मिलकर अयोध्या में विशाल राम मंदिर स्थापित करेगी। जिससे अब अयोध्या पर्यटन के लिए सबसे सुंदर जगह बनने वाली है।

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?

सुप्रीम कोर्ट फैसला

राम मंदिर केस के लिए सुप्रीम कोर्ट ने 5 जजों की बेंच बनाया था। जिसमें चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया रंजन गोगोई, जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस एस ए बोबडे, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस अब्दुल नजीर शामिल थे। अक्टूबर 2018 में रंजन गोगोई मुख्य न्यायाधीश बने थे और इन 5 सदस्यीय बेंच के नेतृत्व वह कर रहे थे। 

इन जजों ने मिलकर एक फैसला 9 नवंबर को सुनाया है और इनके मुताबिक उस विवादित जमीन को एक ट्रस्ट के जरिए राम मंदिर बनाने के लिए देनी चाहिए। मुस्लिम पक्षकारों को 5 एकड़ जमीन अलग से अयोध्या में मिलेगी। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि विवादित जमीन पर निर्मोही अखाड़ा का दावा खारिज किया है। क्योंकि उन्होंने फैसला किया है कि ट्रस्ट के जरिए उसे प्रतिनिधित्व मिलेगा। 

चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा कि मीर बाकी ने बाबरी मस्जिद बनवाई और खाली जमीन पर बाबरी मस्जिद नहीं बनाई गई थी। क्योंकि एक रिपोर्ट के अनुसार वहां पर मंदिर के अवशेष मिले हैं। और इसकी पुष्टि आरके लॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया कर चुका है जिसमें काफी बड़े सबूत मिले हैं।

 

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