टमाटर की खेती: कम लागत में करें दोगुना मुनाफा

2020 में भारत ने विदेश से कुल $367 billion का टमाटर इंपोर्ट किया था। इससे आप अंदाजा लगा सकते हैं कि यदि आप बड़े पैमाने में भारत में टमाटर की खेती करते हैं तो, कितना लाभ आपको मिल सकता है। इसी कारणवश इस लेख के अंदर हम टमाटर की खेती के बारे में जानकारी प्रदान करने वाले हैं।

जैसे कि खेती करने के लिए शुरुआत में कितने पैसों की जरूरत पड़ती है, जमीन और मिट्टी कैसी होनी चाहिए और तो और तापमान जैसे अन्य जानकारियों के बारे में भी बात करने वाले हैं। आमतौर पर ठंडे मौसम में ज्यादातर लोग टमाटर की खेती करते हैं। लेकिन गर्म जलवायु में टमाटर की खेती करना बेहद लाभदायक है।

टमाटर की खेती कैसे करें?

बहुत ही कम पैसों में कोई भी आम आदमी भारत में टमाटर की खेती कर सकता है और जिस किसी भी व्यक्ति के पास अपनी खुद की खेती है तो, उसके लिए तो यह आसान है। क्योंकि टमाटर की खेती करने के लिए सबसे पहले बड़ी जमीन की जरूरत पड़ती है। इसके अलावा उसके आसपास के हवामान का भी ठीक होना बेहद जरूरी है।

टमाटर की खेती

टमाटर की खेती करने से पहले उसके फसल के लिए भूमि का चयन, टमाटर की उन्नत किस्में, टमाटर की बुवाई, फसल के लिए खाद एवं उर्वरक, खरपतवार नियंत्रण और टमाटर की खेती के लिए कीटनाशक आदि के बारे में पता लगाना बहुत जरूरी है।

टमाटर की किस्में

टमाटर की किसमें की गिनती बहुत ज्यादा है, जैसे कि अर्का विकास, अविनाश 2, बीएसएस 90, अर्का सौरभ, ए आर टी एच, ए आर टी एच 4, ए आर टी एच 3, एच एस 101, एच एस 110, एच एस 102, पंत बहार, पूसा दिव्या, पूसा गौरव, पूसा संकर 1, पूसा संकर 2, पूसा संकर 4, पूसा रूबी, पूसा शीतल, रुपाली, रोमा, रत्न, रश्मि, रजनी, पूसा उपहार, पूसा 120, नवीन, एन ए 601, हिसार ललित, कृष्ण, हिसार लालिमा, हिसार अरुण और हिसार अनमोल।

टमाटर की खेती के लिए भूमि का चयन

टमाटर की खेती के लिए सबसे अच्छी मिट्टी रेतीली दोमट होती है, जिसे रेतीली दोमट मृदा भी कहा जाता है। क्योंकि इस मिट्टी के अंदर बहुत ज्यादा मात्रा में जैविक पदार्थ होते हैं, जो कि टमाटर की फसल के लिए बेहद लाभकारी होते हैं।

इसी तरह इसके फसल के लिए चिकनी काली कपासिया मिट्टी और लाल मिट्टी भी अच्छी होती है। कर्नाटक में काली मिट्टी और कोंकण प्रदेश में लाल मिट्टी ज्यादा मात्रा में पाई जाती है।

टमाटर की बुवाई

ऐसा कहा जाता है कि वर्षा ऋतु के लिए जून-जुलाई में बुवाई करनी चाहिए और शीत ऋतु के लिए जनवरी-फरवरी में बुवाई करनी चाहिए। दक्षिण भारत में आमतौर पर तीन फसलें ली जाती है, जो कि जून-जुलाई, अक्टूबर-नवंबर और जनवरी-फरवरी में होती है। इसी तरह उत्तरी भारत में दो फसले ली जाती है।

खाद एवं उर्वरक का प्रयोग

टमाटर की खेती के लिए सबसे पहले प्रति हेक्टेयर के हिसाब से 60 किलो स्फूर एवं 60 किलो पोटाश की जरूरत होती है। इसी तरह टमाटर की फसल की ज्यादा पैदावार के लिए लगभग 100 किलो नाइट्रोजन भी जरूरी होता है।

लेकिन यह याद रखें कि संकर जातियों के लिए लगभग दुगुना खाद लगता है। रोपाई के समय आप नाइट्रोजन के साथ अमोनियम सल्फेट का भी प्रयोग कर सकते हैं या फिर यूरिया भी अच्छा ऑप्शन है।

खरपतवार नियंत्रण

आपने अक्सर देखा होगा कि किसी भी सब्जी की खेती करते समय आसपास बहुत सारे खरपतवार उग जाते हैं। जोकि किसी भी फसल को काफी नुकसान पहुंचा सकते हैं। इस वजह से हमें टमाटर की खेती करते समय उसके पास पास अच्छी तरीके से साफ करना बहुत जरूरी है।

कीटनाशक का प्रयोग

कीटों की वजह से किसानों के खेतीयों का विनाश की खबरें जरूर अखबार या फिर टीवी पर आपने जरूर देखी होगी। इससे लाखों का नुकसान भी होता है, जिस वजह से समय-समय पर कीटनाशक का प्रयोग करना बहुत जरूरी है। इस वजह से प्रति हेक्टेयर के हिसाब से 1 किलो फ्लूक्लोरालीन और आधा किलो मेरिटेंजिन और 2 किलो एलाइक्लोर चाहिए होता है।

मिट्टी चढ़ाकर पौधों को सहारा दे

किसी भी तरह की खेती करना इतना आसान नहीं है। इसी तरह टमाटर की खेती के लिए भी बहुत काम करना पड़ता है। जैसे कि टमाटर की फसल में फूल आने के समय उन पौधों को मिट्टी चढ़ाकर सहारा देना बेहद आवश्यक होता है।

ज्योति टमाटर की फसल लंबी उगने वाली होती है। विशेष रूप से उन को सहारा देना बहुत जरूरी होता है। उनको सहारा देने से टमाटर की फसल मिट्टी एवं पानी के संपर्क में नहीं आती है, जिस वजह से चढ़ने का खतरा दूर हो जाता है।

आपको बता दें कि यदि आप पहले छोटे पैमाने में टमाटर की खेती करते हैं तो, आपको इसकी लागत मुनाफे और काम के बारे में सब कुछ जानकारी अपने आप प्राप्त हो जाएगी और ऐसे करते-करते अगली बार जब आप बड़े पैमाने पर टमाटर की खेती करने लगते हैं तो, आपको मुनाफा भी बहुत ज्यादा आने लगेगा। इस वजह से आज के समय में टमाटर की खेती किसी भी सोना देने वाली मुर्गी से कम नहीं है। मैं आशा करता हूं कि आप इसकी खेती करने में सफलता हासिल हो।

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FAQs:

1. टमाटर कौन से महीने में लगाया जाता है?

टमाटर की खेती के लिए भारत में आमतौर पर नवंबर के अंत में टमाटर की नर्सरी तैयार की जाती है।

2. गर्मी में टमाटर की खेती कैसे करें?

गर्मी के मौसम में समुचित जल निकास वाली जमीन पर जिसकी मिट्टी दोमट हो, वहां पर खेत की जुताई करके टमाटर के बीज बोने चाहिए।

3. अभिलाष टमाटर की खेती कैसे करें?

आजकल अभिलाष संकर की टमाटर की किस्म बहुत ही लोकप्रिय हो चुकी है। क्योंकि इससे 10 से 15 बार टमाटर उगाए जा सकते हैं और हर एक टमाटर की वजन लगभग 85 ग्राम होता है। अभिलाष टमाटर की खेती करने के लिए ज्यादा पानी की भी जरूरत नहीं पड़ती है।

4. टमाटर का बीज सबसे अच्छा कौन सा है?

आपको बता दें कि हाल ही में भारतीय बागवानी अनुसंधान संस्थान (IIHR) ने टमाटर की नई किस्म को जन्म दिया है और उसका नाम है अर्का रक्षक (एफ) जिसके 1 पौधे से लगभग 20 किलो टमाटर उत्पन्न कर सकती है।

5. टमाटर का बीज क्या रेट है?

टमाटर के बीज का भाव भारत के राज्यों में अलग-अलग प्रकार के है। जैसे कि कुछ जगह पर टमाटर के 10 ग्राम बीच ₹350 से लेकर ₹500 तक मिल जाएंगे।

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